
“अगर आप अपना दुख हर किसी से बाँट रहे हैं, तो आपको सहानुभूति नहीं, बल्कि लोगों का ध्यान चाहिए।”
“अगर आप अपना दुख हर किसी से बाँट रहे हैं, तो आपको सहानुभूति नहीं, बल्कि लोगों का ध्यान चाहिए।”

“अगर आप अपना दुख हर किसी से बाँट रहे हैं, तो आपको सहानुभूति नहीं, बल्कि लोगों का ध्यान चाहिए।”
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