
आत्मविश्वास एक रात में नहीं बनता।
कभी-कभी हमें आगे बढ़ना पड़ता है
उससे पहले कि हम खुद पर पूरी तरह विश्वास कर पाएं।
और यह बिल्कुल ठीक है।
हर छोटा कदम, हर साहसी कोशिश,
“दिखावे” को असली ताक़त में बदल देती है।
आज की सीख:
खुद के लिए खड़े होइए—
चाहे आपकी आवाज़ थोड़ी कांप ही क्यों न जाए।
विश्वास हमेशा कर्म के बाद आता है।






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