
स्पष्टता अधिक सोचने से नहीं मिलती,
बल्कि उस सच्चाई को ईमानदारी से सुनने से मिलती है
जो आपकी ज़िंदगी पहले से आपको दिखा रही है।

स्पष्टता अधिक सोचने से नहीं मिलती,बल्कि उस सच्चाई को ईमानदारी से सुनने से मिलती हैजो आपकी ज़िंदगी पहले से आपको दिखा रही है।

स्पष्टता अधिक सोचने से नहीं मिलती,
बल्कि उस सच्चाई को ईमानदारी से सुनने से मिलती है
जो आपकी ज़िंदगी पहले से आपको दिखा रही है।
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