
“जब आपकी मंशा स्पष्ट होती है और आपके प्रयास निरंतर होते हैं, तब धन सहजता से प्रवाहित होता है।”
धन दबाव या भय से नहीं बनता।
वह तब बढ़ता है जब आप अपने प्रयासों का सम्मान करते हैं,
अपने समय पर भरोसा रखते हैं
और शांत व सचेत आर्थिक निर्णय लेते हैं।
समृद्धि अव्यवस्था पर नहीं, स्पष्टता पर प्रतिक्रिया देती है।






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