
“सफलता चुपचाप बढ़ती है, जब आप अपने प्रयासों में निरंतर बने रहते हैं—खासकर उन दिनों में भी, जब कोई आपको देख नहीं रहा होता।”

“सफलता चुपचाप बढ़ती है, जब आप अपने प्रयासों में निरंतर बने रहते हैं—खासकर उन दिनों में भी, जब कोई आपको देख नहीं रहा होता।”

“सफलता चुपचाप बढ़ती है, जब आप अपने प्रयासों में निरंतर बने रहते हैं—खासकर उन दिनों में भी, जब कोई आपको देख नहीं रहा होता।”
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