
“जहाँ विश्वास रहता है, वहीं प्रेम पनपता है।
जब दो दिल डर की जगह सच्चाई को चुनते हैं,
तो खामोशी भी समझ बन जाती है।”

“जहाँ विश्वास रहता है, वहीं प्रेम पनपता है।जब दो दिल डर की जगह सच्चाई को चुनते हैं,तो खामोशी भी समझ बन जाती है।”

“जहाँ विश्वास रहता है, वहीं प्रेम पनपता है।
जब दो दिल डर की जगह सच्चाई को चुनते हैं,
तो खामोशी भी समझ बन जाती है।”
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