
“लोगों को ताने मारकर नहीं सुधारा जा सकता — मगर सोचो, अगर ऐसा मुमकिन होता तो कितना मज़ा आता!”
“लोगों को ताने मारकर नहीं सुधारा जा सकता — मगर सोचो, अगर ऐसा मुमकिन होता तो कितना मज़ा आता!”

“लोगों को ताने मारकर नहीं सुधारा जा सकता — मगर सोचो, अगर ऐसा मुमकिन होता तो कितना मज़ा आता!”
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