
“ज़िंदगी का हर अध्याय उस समय समझ में आए, जब आप उसे जी रहे हों—यह ज़रूरी नहीं। कुछ जवाब तभी मिलते हैं, जब आप उस सफ़र को समझने लायक विकसित हो चुके होते हैं।” — हिमानी गोयल

“ज़िंदगी का हर अध्याय उस समय समझ में आए, जब आप उसे जी रहे हों—यह ज़रूरी नहीं। कुछ जवाब तभी मिलते हैं, जब आप उस सफ़र को समझने लायक विकसित हो चुके होते हैं।” — हिमानी गोयल

“ज़िंदगी का हर अध्याय उस समय समझ में आए, जब आप उसे जी रहे हों—यह ज़रूरी नहीं। कुछ जवाब तभी मिलते हैं, जब आप उस सफ़र को समझने लायक विकसित हो चुके होते हैं।” — हिमानी गोयल
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